2019 में अगर भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला तो 44 सीट वाली कांग्रेस 2 सीट लाने वाले ओवैसी को भी देश का प्रधानमंत्री बनाने से नहीं चूकेगी - उपदेश राणा

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कर्नाटक में पिहले दिनों जो नाटक हुआ है उसके बाद 2019 के चुनावों के लिए देश की जनता को एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है क्योंकि कर्नाटक में बहुमत से सिर्फ 7 सीट दूर बीजेपी सत्ता से बाहर है और 38 सीटें वाली जेडीएस मुख्यमंत्री बनकर सत्ता की मलाई अपने साथ कांग्रेस को भी खिला रही है जाहिर हो की
78 सीटों वाली कांग्रेस ने जेडीएस को बाहर से समर्थन देकर उसकी सरकार बनवा दी है,

इस तस्वीर को देखने के बाद साफ़ हो जाता है की कांग्रेस को सिर्फ सत्ता चाहिए उसे जनता या उसके जनादेश से कोई फर्क नहीं पड़ता है, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है की देश को कौन लूटने वाला है कौन बरबा करने वाला है , उसे सिर्फ सत्ता चाहिए चाहे उसके लिए उसे पाकिस्तान चाइना या बंगलादेश किसी को भी बाप बनाना पड़े,

आज की तस्वीर से एक जानकारी सामने आ जाती है की गलती से भी अगर 2019 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी पूर्ण बहुमत से एक भी सिट कम हो गयी तो 44 सीटों वाली कांग्रेस 34 सीटों वाली ममता बनर्जी के साथ 2 सीटों वाले ओवैसी को बभी प्रधान मंत्री बना सकती है

दैनिक अपडेट का एक विश्लेषण की अगर NDA को बहुमत नहीं मिला तो क्या होगा देश की कैबिनेट में कौन से लोग होंगे कौन होगा प्रधान मंत्री प्रधानमंत्री – राहुल गाँधी, जो की कितने काबिल है ये आप सब जानते है ममाता बनर्जी को गृहमंत्रालय मिल सकता है, फिर देश में बांग्लादेशियों और रोहिंग्यों के लिए बॉर्डर खुल जायेगा,
विदेश मंत्रालय – ये उमर अब्दुल्ला को दिया जा सकता है,  फाइनेंस मंत्रालय – ये तो चिदंबरम को ही मिलेगा, डिफेन्स – ये मंत्रालय मणिशंकर को दिया जा सकता है, चूँकि उसके पाकिस्तान से सबसे बेहतर संबंध है, और पाकिस्तान इस बात की लॉबी भी करेगा रेल मंत्रालय – ये मायावती या लालू को दिया जा सकता है,
HRD – तेजस्वी यादव देश के शिक्षा मंत्री बन सकते है, वहीँ अखिलेश यादव को सुचना और प्रसारण का जिम्मा कानून मंत्रालय ओवैसी को मिल सकता है, फिर देश में किस प्रकार के कानून बनेंगे, आप सोच सकते हैं संस्कृति मंत्रालय आज़म खान को दिया जा सकता है, जो की पहले कुम्भ मेले के भी सर्वेसर्वा सपा सरकार में रह चुके है
इसलिए NOTA बटन दबाने वालों ज्यादा ग्यानी बनने के चक्कर में कंही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी न मार लेना जिससे जिंदगी भर पछताना पड़े , क्योंकि अगर इनकी सरकार 5 साल चल गयी तो इनके अलावा दुबारा सत्ता में कोई आने नहीं दिया जाएगा फिर चाहे इनको आपातकाल ही क्यों न लगाना पड़े

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