कश्मीर से धारा 370 हटाने की चुपचाप हुई शुरुआत मोदी ने अपने दिमागी चाल से उड़ाई महबूबा मुफ़्ती की नींद

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बीजेपी ने जब पीडीपी के साथ जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाई थी तो लोगों के साथ विपक्ष ने इस पर ऊँगली उठाई थी लेकिन जो लोग समझदार थे वो जानते थे मोदी का ये फैसला आगे जाकर क्या गुल खिलाने वाला है और अभी दो दिन पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की तिलमिलाहट सबने देख ही ली है !

जैसे-जैसे राज्यों और राज्यसभा में भाजपा का प्रभाव बढ़ रहा है बैसे ही भाजपा अपने राष्ट्रवादी एजेंडे को आगे बढाती जा रही है.अब जम्मू & कश्मीर से धारा 370 को हटाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. इसके लिए सबसे पहले इसके अनुच्छेद 35(A) को बदलने की तैयारी हो रही है जो समस्या की मुख्य बजह है.बड़े तरीके से सारी गेम चली हुई है इस समय कश्मीर में एक गैर सरकारी संगठन से किस तरह इस अनुच्छेद 35(A) के खिलाफ याचिका दर्ज करवाई गयी और अब किस तरह मोदी सरकार इस पर जवाब देगी,बहुत कुछ दिखने वाला है आगे.
केंद्र के इस कदम से तिलमिलाई हुई महबूबा ने कहा है कि- यहां की लडाई हमने लडी है हमारे लोग मारे गये हैं, हुरियत ने भी लडी है उनके लोग और हमारे लोग भी मारे गये हैं. अगर हमारे अधिकारों को खतम करने की कोशिश की गई, तो मै ये कहना चाहती हूं कि – तिरंगा झंडा उठाने के लिये 4 कन्धे भी नही मिलेंगे.

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि जो हम बता रहे हैं आपको वो मीडिया कभी नहीं बताने वाली मुख्यमंत्री महबूबा का यह बयान यह बताने के लिए पर्याप्त है कि – कार्यवाही किस हद तक चल रही है. महबूबा की स्थिति इस समय सांप छछुंदर वाली हो गई है. भाजपा के साथ गठबंधन करने के कारण उनकी बात को मानना मजबूरी है और अगर नहीं मानते हैं तो उनकी सरकार जायेगी और कुछ भी नहीं कर पाएंगी.बीजेपी और आरएसएस का शुरू से ही राष्ट्रवादी मुद्दा रहा है धारा 370 हटाने का लेकिन बाकि सब पार्टियाँ इस हटाने के खिलाफ हैं क्योंकि उन्हें देश प्रेम नहीं है.

अगर अब महबूबा मुफ़्ती खुलकर इसका विरोध करती है तो सरकार गिरना तय है जबकि सरकार गिरने की स्थिति में जम्मू & कश्मीर में राष्ट्रध्यक्ष शासन लगाकर केंद्र का वहां पर पूरी तरह से नियंत्रण हो जाएगा. उस समय भाजपा को अपना एजेंडा लागू करने से कोई रोक भी नहीं पायेगा. भाजपा केवल इतना चाहती है कि – गठबंधन तोड़ने का इल्जाम उसपर नहीं बल्कि पीडीपी पर आये.

मुझे पूर्ण विशवास है कि – गुजरात, उड़ीसा, हिमाचल, कर्नाटक चुनाव के सकारात्मक चुनाव परिणाम आने के बाद कश्मीर में और तेजी आयेगी. तब तक केंद्र अपनी तैयारी कर रहा है. महबुबा की छटपटाहट से तो यही पता चलता है कि – उनको भी समझ आने लगा है कि -अब क्या होने वाला है !

धारा 370  क्या है जरूर जानिए इस लेख को पूरा और ध्यान से पढ़िये और अगर सही लगे तो शेयर जरूर करिए जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है । जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है जम्मू - कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकी भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है । जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है ।

भारत के उच्चतम न्यायलय के आदेश जम्मू - कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं भारत की संसद को जम्मू - कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यंत सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है जम्मू कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी ।

इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू - कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी । और धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागु नहीं है । RTE लागू नहीं है । CAG लागू नहीं होता भारत का कोई भी कानून लागु नहीं होता । कश्मीर में महिलाओ पर शरियत कानून लागु है । कश्मीर में पंचायत के अधिकार नहीं । कश्मीर में चपरासी को 2500 ही मिलते है. कश्मीर में अल्पसंख्यको [ हिन्दू- सिख ] को 16 % आरक्षण नहीं मिलता ।

धारा 370 की वजह से कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते है । धारा 370 की वजह से ही पाकिस्तानियो को भी भारतीय नागरीकता मिल जाता है । इसके लिए पाकिस्तानियो को केवल किसी कश्मीरी लड़की से शादी करनी होती है । अच्छी शुरुवात है कम से कम 370 हटाने की दिशा में एक कदम आगे की ओर मोदी जी को धन्यवाद जो उन्होनें धारा 370 का मुद्दा उठाया ।

अब यदि कोई सेकुलर इन तथ्यों के विषय में कुछ कहना चाहे तो स्वागत हैं...!!! 370 धारा हटाना ही है.... इसलिए मेसेज को ज्यादा से ज्यादा फैलाओ कश्मीर में आप तिरंगा नहीं फहरा सकते, कन्याकुमारी में रिक्शे के पीछे आप जय श्री राम नहीं लिख सकते, हैदराबाद में मन्दिर की आप घंटी नहीं बजा सकते, कलकत्ता में आप अपने घर के दरवाजे पर

बजरंगबली की मूर्ति नहीं लगा सकते. फिर कैसे कहूं की कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है ?? 65 सालो के इतिहास में पहली बार जिसने खुल के 370 का विरोध किया हे तो उसका साथ दीजिये ।

2 comments:

  1. Share 370 hatao aor jammu &Kashmir ko Pakistan bananey as bachao

    Jai hind jai bharat

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  2. This comment has been removed by the author.

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