हिमाचल में सीएम उम्मीदवार की हार दर्शाती है की कैसे स्थानीय नेता सिर्फ मोदी के भरोसे सोये रहते हैं - सोनम महाजन

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हिमाचल में सीएम उम्मीदवार की हार दर्शाती है की कैसे स्थानीय नेता सिर्फ मोदी के भरोसे सोये रहते हैं - सोनम महाजन

गुजरात में बीजेपी 99 sitसीट कर बहुमत के साथ 22 साल बाद पुनः सरकार बना रही हैं । विजय रूपाणी फिर से सीएम बनाए जाएँगे। हिमाचल प्रदेश में भी बीजेपी ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है और वंहा भी कांग्रेस के बाद अब बीजेपी सरकार बनने जा रही है। लेकिन बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल खुद अपनी सीट हार गए, उनकी हार ये दर्शाती है की कैसे स्थानीय नेता सिर्फ ब्रांड मोदी के भरोसे सोये रहते हैं।

अगर बीजेपी चाहती है की 2019 के लोकसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल करे तो पार्टी को अपने नेताओं के रवैये को बदलना होगा। आज अधिकतर नेता यही सोचते हैं की हमारे पास राम बाण की तरह मोदी बाण है। उनकी इस सोच को बदलना होगा मैं मानता हूँ की बीजेपी ही एक मात्र ऐसी राष्ट्रीय पार्टी है जो देश हित में काम कर रही है, लेकिन एक प्रसंशक होने के नाते मेरा ये कर्तव्य है की मैं पार्टी में बैठे उन निकम्मे लोगों की असलियत सामने लाऊं जो पार्टी को आंतरिक रूप से कमजोर कर रहे हैं, खोखला कर रहे हैं।

आज की तारीख में आलम ये है की लोगों को बीजेपी से ज्यादा भरोसा तो मोदी पर है। अगर बीजेपी के पास सिर्फ एक नेता न हो मोदी जैसा तो बीजेपी आज भी जीरो है। मैं ये भी मानता हूँ की बीजेपी के अध्यक्ष महोदय, कार्यकर्ता, बूथ पर काम करने वाले लोग, संघ के जरिये बीजेपी का साथ निभाने वाले लोग भी तन मन से मेहनत करते हैं लेकिन फिर विधायक और संसद का चुनाव लड़ने वाले क्या सिर्फ शक्ल दिखाने जनता के सामने आते हैं। प्रेम कुमार धूमल की हार ये साफ दर्शाती है की बीजेपी के नेता सिर्फ मोदी के भरोसे उछल कूद करते हैं उनका बीजेपी से निकलने के बाद कोई अस्तित्व नहीं है बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी इस बात पर गौर करने का वक्त आ गया है । आपका शुभचिंतक

 

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